DrSkincliniq Haldwani: डॉ अक्षत टम्टा "सफेद दाग" (विटिलिगो) का करेंगे निदान
सफेद दाग त्वचा के रंगद्रव्य के कम होने का अधिग्रहित विकार है जो शरीर के विभिन्न हिस्सों पर सफेद दाग और धब्बों के कारण होता है, जो मेलोसाइट्स के चयनात्मक क्षय को दर्शाता है। यह स्थिति दुनिया भर में सभी जातियों को प्रभावित करती है। सौन्दर्य-प्रसाधन की विरूपता की वजह से इससे बहुत से तिरस्कार जुड़े हुए हैं। यह स्थिति बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करती है और रोगी अक्सर मनोवैज्ञानिक संकट और कम आत्म सम्मान से पीड़ित होते हैं । वे कई बार सामाजिक उपेक्षा के शिकार होते हैं जो उन्हें समाज से अलग-थलग कर देता है।अपर्याप्त ज्ञान और उम्र की गलतफहमी इस स्थिति से जुड़ी अनुचित आशंका के प्रमुख कारण हैं। एक गलत धारणा है कि बीमारी संपर्क से फैल सकती है। सफेद दाग रंग गैर-संक्रामक है और संपर्क से नहीं फैलता है। आहार की आदतों को लेकर भी बहुत सारे मिथक बने हुए हैं।
सफेद दाग के शुरुआती लक्षण क्या है? सफेद दाग की पहचान में सबसे शुरुआती लक्षण है, त्वचा का रंग फीका पड़ना और उस जगह पर बाल भी सफेद होना। शरीर पर अगर सफेद दाग हो जाये और उसके बाद कहीं चोट लगे और वो जगह भी सफेद हो जाये तब आपको समझ जाना चाहिए कि ये समस्या तेजी से शरीर में बढ़ रही है।
सफेद के सफेद धब्बे किसकी उपस्थिति के कारण बनते हैं? इन सफेद धब्बों के उभरने का सबसे महत्वपूर्ण कारण त्वचा की कोशिकाओं की अनियमितता होती है. ऐसी कोशिकाएं जो मेलनिन प्रोड्यूस करती हैं. मेलनिन की अनियमितता के कारण त्वचा से जुड़ी कई दूसरी समस्याएं भी हो सकती हैं
सफेद रोग क्यों होता है? जब आपके शरीर में मेलेनोसाइट्स मरने लगते हैं, तब इससे आपकी त्वचा पर कई सफेद धब्बे बनने शुरू होते हैं. इस स्थिति को सफेद कुष्ठ रोग भी कहा जाता है. यह आमतौर पर शरीर के उन हिस्सों जो कि सूरज की रोशनी के सीधे संपर्क में आते हैं, चेहरे, हाथों और कलाई के क्षेत्र इससे ज्यादा प्रभावित होते है.
Comments
Post a Comment